7 Different Types, Classifications, and Categories – Pressure Groups -7 विभिन्न प्रकार, वर्गीकरण, प्रकार-दबाव समूह– आधुनिक लोकतंत्रीय शासन प्रणाली ने जहां राजनीतिक दलों के विकास में सहायता की हैं , वहां उसने उनके अनेक दबाव समूहों को भी जन्म दिया है । राजनीतिक दल सभी वर्गों के हितों का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व नहीं कर पाते , इसलिए आधुनिक शासन व्यवस्था में राजनीतिक दलों के अतिरिक्त अनेक ऐसे संगठनों अथवा समूहों का विकास हुआ हैं जिनका सार्वजनिक नीति Public Policy के निर्माण पर विशेष प्रभाव होता हैं ।
दबाव समूह -यह संगठन एक ऐसे व्यवसाय के लोगो का एक गुट होता हैं जो अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की नीतियों को प्रभावित करने का प्रयत्न करता रहता हैं ।
| Facebook Page | Follow Us Now |
| YouTube Channel | Subscribe Now |
हित समूह और दबाव समूह को समझना सभी के लिये आवश्यक हैं खासकर राजनीति विज्ञान के स्टूडेंट्स के लिए । आप सभी आये दिन किसी न किसी समूह को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते देखते ही हैं । इन समूहों में हित समूह भी हो सकते हैं और दबाव समूह हो सकता हैं । दबाव समूह -दोनों समूह अलग अलग ढंग के साथ कार्य करती हैं । हित समूह और दबाव समूह को आप भी पूर्ण रूप से समझना चाहते होंगे । आइये दोनों समूहों को विस्तार से समझते हैं –
हित समूह और दबाव समूह Interest Groups and Pressure Groups in Hindi
हित समूह Interest groups – प्रत्येक समाज में कृषक Farmers, पूंजीपति Capitalists, भूमिपति Landowners, शिक्षक Teachers, सरकारी कर्मचारी Government Employees,तथा मजदूरों व अन्य व्यवसायियों के विभिन्न प्रकार के हित पाए जाते हैं । जब एक ही प्रकार का हित रखने वाले लोग कोई संगठित रूप धारण कर लेते हैं तो उसे हित – समूह कहा जाता हैं ।
दबाव समूह Pressure Groups in Hindi- जब कोई हित – समूह अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सरकार से सहायता चाहने लगता हैं और विधानमंडल के सदस्यों को इस रूप में प्रभावित करने का प्रयत्न करने लगता हैं कि सामान्य कानूनों का निर्माण अथवा उनमें संशोधन Amendment करते समय उनके हितों को ध्यान में रखा जाए ,तो वह दबाव – समूह का रूप धारण कर लेता हैं ।
दबाव समूह Pressure Groups अपने सदस्यों के हितों को विकसित करने तथा उन्हें सुरक्षित रखने के लिए उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान कराने तथा सरकार को उनके हितों के विरुद्ध कार्य करने से रोकने के लिए सरकार पर दवाव डालते रहते हैं । दबाव समूह का मतलब दबाव डालना होता हैं जो अपने हितों की रक्षा के लिए समय समय पर सरकार पर दबाव डालते रहते हैं जिससे सरकार उनकी हितों के विरुद्ध कार्य न करे ।
दबाव समूह अपना काम करवाने के लिए सरकारी अधिकारियों Officials पर उचित अथवा अनुचित साधनों द्वारा प्रभाव डालते रहते हैं । इसी कारण दबाव समूहों को कई बार भ्रष्टाचार का केंद्र भी कहा जाता हैं ।
यह भी पढ़ें –
- Definition Of Pressure Groups : दबाव समूह की 5 परिभाषाएं
- Pressure Groups: दबाव समूहों के कार्य , महत्व एवं उपयोगिता
- Pressure Groups: दबाव समूहों के दोष या आलोचना
दबाव समूह की परिभाषा Definition of Pressure Groups in Hindi
आमण्ड तथा पावेल के अनुसार According to Almond and Powell –
आमण्ड तथा पावेल Almond and Powell– हित समूह अथवा दबाव समूह से हमारा तात्पर्य ऐसे व्यक्तियों के समूह से है जो किसी विशेष हित अथवा लाभ के लिए परस्पर Mutual मिलें हों और जिनमें उन हितों के सम्बंध में चेतना हो ।
दबाव समूहों के प्रकार Kinds of Pressure Groups in Hindi
दबाव समूहों के प्रकार Kinds of Pressure Groups- दबाव – समूह के विभिन्न रूप तथा किस्में होती है । दबाव समूहों का वर्गीकरण भिन्न भिन्न राजनीतिक व्यक्तियों ने भिन्न भिन्न आधारों पर किया है । परन्तु ब्लोण्डेल तथा आमण्ड Blondel and Almond द्वारा किया गया वर्गीकरण काफी मान्य हैं । दबाव समूहों के प्रकार का विस्तृत अध्ययन नीचे करेंगे We will examine the types of pressure groups in detail below –
यह भी पढ़ें –
- Bureaucracy : नौकरशाही की 18 महत्वपूर्ण विशेषताएँ
- Bureaucracy: नौकरशाही के 10 दोष | दोषों को दूर करने के सुझाव
ब्लोण्डेल का वर्गीकरण Blondel’s Classification in Hindi
ब्लोण्डेल का वर्गीकरण Blondel’s Classification- दबाव – समूह के विभिन्न रूप तथा किस्में बताई गई है । दबाव – समूहों का वर्गीकरण भिन्न भिन्न राजनीतिक व्यक्तियों में भिन्न भिन्न आधारों पर किया हैं , जैसे कि समूहों के लक्ष्य ,इनके संगठनों का स्वरूप , इनके संगठनों का स्वरूप , इनके अस्तित्व की अवधि Duration of existence। परंतु सभी राजनीतिक शक्तियों ने सभी आधारों पर इनका वर्गीकरण किया है ऐसी बात नही है । इसमें ब्लोण्डेल तथा आमण्ड द्वारा किया गया वर्गीकरण काफी मान्य हैं । आइये जानते हैं विस्तार से Let’s explore this in detail –
ब्लोण्डेल का वर्गीकरण Blondel’s Classification
ब्लोण्डेल ने दबाव समूहों के वर्गीकरण का आधार उनके निर्माण के प्रेरक तत्वों को बताया हैं । उनके अनुसार दबाव समूह के निम्नलिखित प्रकार के होते है According to them, there are the following types of pressure groups –
यह भी पढ़ें –
- Political Culture: राजनीतिक संस्कृति का अर्थ | परिभाषाएँ
- Political Culture : राजनीतिक संस्कृति की 12 विशेषताएं
1) सामुदायिक समूह – Communal Groups
सामुदायिक समूह -Communal Groups in Hindi- इन समूहों के निर्माण का आधार लोगों के सामाजिक संबंध होते हैं । लोगों के साथ साथ रहने से उनमें कुछ सामाजिक संबंधों तथा साधारण दृष्टिकोणों की उत्पत्ति होती हैं ,जिनके आधार पर इनमें सामुदायिक एकता की भावना विकसित होती है ।
समय बीतने के साथ साथ यही सामुदायिक एकता लोगों को समूहों के बंधन में बांधती हैं जिनके सदस्य एक दूसरे के सुख – दुख में साझीदार Partner बन जाते हैं । इन समूहों में से कुछ का संगठन रस्मी तथा कुछ का गैर रस्मी भी हो सकता है । जातियाँ , प्रजातियां , पड़ोस , बिरादरी Community आदि के समूह इसी श्रेणी में आते हैं । सामुदायिक समूह के आगे भी दो रूप हो सकते हैं जो निम्नलिखित हैं Community groups can further take two forms, which are as follows –
रूढ़ या परम्परागत समूह Customary Groups
रूढ़ या परम्परागत समूह Customary Groups meaning in Hindi- सामुदायिक समूहों में रूढ़िवादी या परम्परागत समूह उन्हें कहते हैं जो अपनी कार्यप्रणाली तथा अपने सदस्यों के परस्पर व्यवहार में सामाजिक परम्पराओं , रूढ़ियों तथा रीति रिवाजों को मुख्य स्थान देते हैं । जातियों ,प्रजातियों के सामुदायिक समूह इसी तरह के समूह होतें हैं । भारत में ब्राह्मण सभा Brahmin Sabha, खुखरैन बिरादरी Khukhrain community, जैन सभा Jain Sabha आदि ऐसे ही समूह हैं ।
यह भी पढ़ें –
- Civil Service: असैनिक सेवाओं के 6 मुख्य कार्य
- Civil Services : सिविल सेवाएं परिभाषाएं | वर्गीकरण | लाभ | प्रकार
संस्थागत समूह Institutional Groups
संस्थागत समूह Institutional Groups meaning in Hindi-कुछ संस्थाओं के सदस्यों में लगातार इक्कठे काम करने तथा रहने से सामाजिक सम्बंधो के अतिरिक्त रागात्मक संबंध भी विकसित हो जाते हैं तथा ऐसे समूह खास उद्देश्यों के होतें हुए भी अपने सदस्यों के साधारण हितों को पूरा करने की कोशिश करते हैं । समाज में वृद्धों के लिए कल्याण समितियां , सैनिक कल्याण परिषद Ex-Servicemen Welfare Board, कर्मचारी सुरक्षा परिषदें Employee Safety Councils आदि इसी तरह के समूह हैं ।
2) संघात्मक समूह Associational Groups
संघात्मक समूह Associational Groups in Hindi- ये वे समूह हैं जिनका अपना एक विशेष उद्देश्य होता है तथा एक विशेष उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए ही ये स्थापित किये जाते हैं। समाज में लोग विभिन्न उद्देश्यों तथा मांगो की पूर्ति के लिए संघ तथा संगठन बनाते हैं।
जब ये संघ सरकार पर अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए दबाव डालते हैं तो ये संघ दबाव समूह Union pressure group कहलाते हैं । इन समूहों को मांगो के अनुसार चलना पड़ता हैं । ये समूह औधोगिक विकास के साथ साथ बनते चले गए हैं । इनमें आमतौर पर विरोध तथा कभी कभी सहयोग की प्रवृत्ति Trend भी पाई जाति हैं । इन समूहों के दो रूप इस प्रकार है The two forms of these groups are as follows –
यह भी पढ़ें –
- Personnel Administration: कार्मिक प्रशासन महत्व | भूमिका
- Personnel Administration: कार्मिक प्रशासन के विभिन्न प्रकार
सुरक्षात्मक समूह Protective Groups
सुरक्षात्मक समूह Protective Group meaning in Hindi- इन समूहों का उद्देश्य विशेष होते हुए भी साधारण तौर पर व्यापक तथा साधारण होता हैं । क्योंकि वे अपने सदस्यों के साधारण हितों की रक्षा करते हैं । विभिन्न प्रकार के मजदूर संघ Labour Union, व्यापारिक संगठन Business Organization, व्यापार संघ Trade Union, विद्यार्थी यूनियन Student Union आदि इसी प्रकार के समूह हैं।
उत्थानात्मक समूह Promotional Groups
उत्थानात्मक समूह Promotional Groups meaning in Hindi- किसी विशेष विचार या दृष्टिकोण के प्रचार तथा इस इस दृष्टि से समाज को विकसित बनाने के उद्देश्य को लेकर जिन समूहों का निर्माण होता है , उन्हें हम संघात्मक समूहों के उत्थानात्मक promotional प्रकार के अंतर्गत रख सकते हैं । हथियारबद्ध Armed, संसार – शान्ति World Peace, सर्व-व्यापक मताधिकार Universal suffrage, नारी स्वतंत्रता Women’s Freedom, गौ रक्षा Cow Protection, आदि के लिए बनाए गए संघो को उत्थानात्मक समूह कहा जाता हैं ।
यह भी पढ़ें –
- Personnel Administration : कार्मिक प्रशासन के मौलिक सिद्धांत
- Personnel Administration : कार्मिक प्रशासन के कार्य
आलमंड का वर्गीकरण Almond’s Classification in Hindi
आलमंड ने इन समूहों को हित समूहों के नाम से पुकारा हैं तथा उनकी चारित्रिक विशेषताओं को उनके वर्गीकरण का आधार बनाया है ।आलमंड का वर्गीकरण इस प्रकार है The classification of almonds is as follows:-
संस्थात्मक Institutional, गैर संघात्मक Non-Association, प्रदर्शनात्मक Anomic तथा संघात्मक Associational ।
इस प्रकार आलमंड के वर्गीकरण में दो नए नाम गैर संघात्मक Non-federal तथा प्रदर्शनात्मक Demonstrative हैं । आलमंड के वर्गीकरण में गैर संघात्मक Federal का वही अर्थ है जो ब्लोण्डेल Blondel ने सामुदायिक रूढ़ि समूह का लिया है । इसके बाद प्रदर्शनात्मक समूहों की किस्में ऐसी हैं जो आलमंड के वर्गीकरण में नई हैं । जिसकी व्याख्या निम्नलिखित हैं The explanation for which is as follows-
प्रदर्शनात्मक समूह Anomic Groups
प्रदर्शनात्मक समूह Anomic Groups meaning in Hindi – आलमंड के अनुसार प्रदर्शन समूह वे समूह होते हैं जो भीड़ तथा प्रदर्शन आदि के रूप में अचानक प्रकट होते हैं । अपने उग्र रूप में यह समूह अक्सर मर्यादा से बाहर हो जाते हैं तथा कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं । उद्देश्य पूरा होने पर उनका अस्तित्व समाप्त हो जाता है ।
हित समूह और दबाव समूह क्या होता है और इसके कितने प्रकार है इसकी जानकारी दी है। उम्मीद है यह 7 Different Types of Pressure Groups: Classification-kinds: दबाव समूह लेख आपको पसंद आएगी। दबाव समूह के प्रकार -वर्गीकरण परीक्षा के हिसाब से अत्यंत जरुरी प्रश्न है।
FAQs About the Pressure Groups Approach, Types & Classification in Hindi
प्रश्न-1 . दबाव समूहों का वर्गीकरण किस आधार पर किया जाता हैं ?On what basis are pressure groups classified in Hindi ?
उत्तर– दबाव – समूह के विभिन्न रूप तथा किस्में होती है । दबाव समूहों का वर्गीकरण भिन्न भिन्न राजनीतिक व्यक्तियों ने भिन्न भिन्न आधारों पर किया है । परन्तु ब्लोण्डेल तथा आमण्ड Blondel and Almond द्वारा किया गया वर्गीकरण काफी मान्य हैं ।
प्रश्न-2 . दबाव समूहों की दो किस्में बताओं। Name two types of pressure groups in Hindi.
उत्तर– 1 .संघात्मक समूह Associational Groups
2 . सामुदायिक समूह Communal Groups
प्रश्न-3 . प्रदर्शनात्मक समूह से क्या तात्पर्य हैं ?What is meant by a ‘demonstration group’ in Hindi ?
उत्तर- प्रदर्शनात्मक समूह – आलमंड के अनुसार प्रदर्शन समूह वे समूह होते हैं जो भीड़ तथा प्रदर्शन आदि के रूप में अचानक प्रकट होते हैं । अपने उग्र रूप में यह समूह अक्सर मर्यादा से बाहर हो जाते हैं तथा कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करते हैं । उद्देश्य पूरा होने पर उनका अस्तित्व समाप्त हो जाता है ।
प्रश्न-4 . आलमंड के अनुसार दबाव समूह का वर्गीकरण बताएं। Explain the classification of pressure groups according to Almond in Hindi.
उत्तर– आलमंड का वर्गीकरण इस प्रकार है –
संस्थात्मक Institutional , गैर संघात्मकN on-Association, प्रदर्शनात्मक Demonstrative or Anomic तथा संघात्मकAssociational ।
प्रश्न-5 . ब्लोण्डेल ने किन आधारों पर दबाव-समूह का वर्गीकरण किया हैं ?On what grounds has Blondel classified pressure groups in Hindi ?
उत्तर– ब्लोण्डेल ने दबाव – समूह के विभिन्न रूप तथा किस्में बताई गई है । दबाव – समूहों का वर्गीकरण भिन्न भिन्न राजनीतिक व्यक्तियों में भिन्न भिन्न आधारों पर किया हैं , जैसे कि समूहों के लक्ष्य ,इनके संगठनों का स्वरूप , इनके संगठनों का स्वरूप , इनके अस्तित्व की अवधि ।
प्रश्न-6 . सामुदायिक समूह का अर्थ क्या हैं ?What is meant by a community group in Hindi ?
उत्तर– सामुदायिक समूह -इन समूहों के निर्माण का आधार लोगों के सामाजिक संबंध होते हैं । लोगों के साथ साथ रहने से उनमें कुछ सामाजिक संबंधों तथा साधारण दृष्टिकोणों की उत्पत्ति होती हैं ,जिनके आधार पर इनमें सामुदायिक एकता की भावना विकसित होती है ।
प्रश्न- 7. रूढ़ या परम्परागत समूह क्या होती हैं ?What are traditional or conventional groups in Hindi ?
उत्तर– रूढ़ या परम्परागत समूह Customary Groups- सामुदायिक समूहों में रूढ़िवादी या परम्परागत समूह उन्हें कहते हैं जो अपनी कार्यप्रणाली तथा अपने सदस्यों के परस्पर व्यवहार में सामाजिक परम्पराओं , रूढ़ियों तथा रीति रिवाजों को मुख्य स्थान देते हैं । जातियों ,प्रजातियों के सामुदायिक समूह इसी तरह के समूह होतें हैं । भारत में ब्राह्मण सभा , खुखरैन बिरादरी , जैन सभा आदि ऐसे ही समूह हैं ।
प्रश्न-8.संस्थागत समूह से क्या तात्पर्य हैं ?What is meant by an institutional group in Hindi ?
उत्तर– संस्थागत समूह – कुछ संस्थाओं के सदस्यों में लगातार इक्कठे काम करने तथा रहने से सामाजिक सम्बंधो के अतिरिक्त रागात्मक संबंध भी विकसित हो जाते हैं तथा ऐसे समूह खास उद्देश्यों के होतें हुए भी अपने सदस्यों के साधारण हितों को पूरा करने की कोशिश करते हैं । समाज में वृद्धों के लिए कल्याण समितियां , सैनिक कल्याण परिषद , कर्मचारी सुरक्षा परिषदें आदि इसी तरह के समूह हैं ।
प्रश्न- 9. संघात्मक समूह क्या हैं ?What are associative groups in Hindi ?
उत्तर- संघात्मक समूह – ये वे समूह हैं जिनका अपना एक विशेष उद्देश्य होता है तथा एक विशेष उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए ही ये स्थापित किये जाते हैं । समाज में लोग विभिन्न उद्देश्यों तथा मांगो की पूर्ति के लिए संघ तथा संगठन बनाते हैं ।
प्रश्न-10 . सुरक्षात्मक समूह का उद्देश्य क्या होता हैं ?What is the purpose of a protective group in Hindi ?
उत्तर– इन समूहों का उद्देश्य विशेष होते हुए भी साधारण तौर पर व्यापक तथा साधारण होता हैं । क्योंकि वे अपने सदस्यों के साधारण हितों की रक्षा करते हैं । विभिन्न प्रकार के मजदूर संघ , व्यापारिक संगठन , व्यापार संघ , विद्यार्थी यूनियन आदि इसी प्रकार के समूह हैं ।
प्रश्न- 11. उत्थानात्मक समूह का निर्माण किन उदेश्यों के आधार पर होता हैं ?What is the purpose of a protective group in Hindi ?
उत्तर– किसी विशेष विचार या दृष्टिकोण के प्रचार तथा इस इस दृष्टि से समाज को विकसित बनाने के उद्देश्य को लेकर जिन समूहों का निर्माण होता है , उन्हें हम संघात्मक समूहों के उत्थानात्मक promotional प्रकार के अंतर्गत रख सकते हैं । हथियारबद्ध , संसार – शान्ति , सर्व-व्यापक मताधिकार ,नारी स्वतंत्रता , गौ रक्षा , आदि के लिए बनाए गए संघो को उत्थानात्मक समूह कहा जाता हैं ।
प्रश्न-12 . दबाव समूहों के तीन प्रकार बताओं। Name three types of pressure groups in Hindi.
उत्तर– 1.प्रदर्शनात्मक समूह 2.संस्थागत समूह 3.सामुदायिक समूह
और पढ़ें –

